अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात को केंद्रीय बजट में रेल विकास के लिए ऐतिहासिक बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य को इस बार 17,366 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले 2009–14 के औसत आवंटन 589 करोड़ रुपये के मुकाबले 29 गुना अधिक है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के संचालन की तारीख 15 अगस्त, 2027 घोषित कर चुके हैं। इस वर्ष के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव भी होने हैं, ऐसे में यह निवेश चुनावी और विकास दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रेलवे बजट के अनुसार यह राशि मुख्य रूप से सुरक्षा, बुलेट ट्रेन, आधुनिक स्टेशनों और नई रेल लाइनों के निर्माण पर खर्च की जाएगी। वर्तमान में गुजरात में 1,28,748 करोड़ रुपये की लागत से रेल अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं। अमृत स्टेशन योजना के तहत 87 स्टेशनों को 6,058 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया गया है, जिनमें से कई स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है। इससे यात्रियों की सुविधा और स्टेशनों की सौंदर्यात्मक गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है।
गुजरात ने 100% रेल विद्युतीकरण का लक्ष्य भी हासिल कर लिया है। मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना तेजी से प्रगति कर रही है। राज्य में वर्तमान में 6 वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही हैं, जबकि 1 अमृत भारत एक्सप्रेस और 1 नमो भारत एक्सप्रेस ट्रेन भी संचालन में हैं। इसके अलावा लेवल क्रॉसिंग हटाने के लिए 1,177 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं। स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के तहत 96 रूट किलोमीटर पर सिस्टम स्थापित किया जा चुका है और 1,674 रूट किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है।
पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से गुजरात के बंदरगाहों और अन्य राज्यों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत हो रही है। यह पूर्व–पश्चिम रेल कॉरिडोर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट के इस ऐतिहासिक आवंटन से गुजरात में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने और यात्री अनुभव को उन्नत बनाने में नई गति मिलने की उम्मीद है।